मंगलवार, नवम्बर 23, 2021

अभी अखिल भारतीय सर्वेक्षण चल रहा है और ई-श्रम पोर्टल क्रांतिकारी बदलाव लाएगा तथा डेटा संचालित नीतियों में नए मानक स्थापित करेगा: भूपेंद्र यादव

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज श्रम ब्यूरो, चंडीगढ़ द्वारा घरेलू कामगारों पर किए जा रहे पहले अखिल भारतीय सर्वेक्षण की शुरुआत की। घरेलू कामगार (डीडब्ल्यू) अनौपचारिक क्षेत्र में कुल रोजगार का एक अहम हिस्सा हैं। हालांकि, घरेलू कामगारों की संख्या और उनकी मौजूदा रोजगार स्थितियों पर आंकड़ों की कमी है। इसलिए घरेलू कामगारों पर समय-श्रृंखला डेटा रखने की दृष्टि से, भारत सरकार ने श्रम ब्यूरो को डीडब्ल्यू पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण करने का काम सौंपा है।

इस अवसर पर भूपेंद्र सिंह यादव ने घरेलू कामगारों पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण के लिए प्रश्नावली के साथ निर्देश पुस्तिका का भी विमोचन किया, जो देश भर के 37 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों और 742 जिलों में कराया जाएगा।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत में पहली बार ऐसा राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण किया जा रहा है और यह साक्ष्य आधारित, डेटा संचालित नीति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है जो सेवाओं के वितरण को लक्षित और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और इस तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।

केंद्रीय मंत्री यादव ने आगे कहा कि ये सभी अखिल भारतीय सर्वेक्षण और ई-श्रम पोर्टल बड़े बदलाव लाएंगे और डेटा संचालित नीतियों में नए मानक स्थापित करेंगे।

घरेलू कामगारों पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण का उद्देश्य राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर घरेलू कामगारों की संख्या और अनुपात, लिव-इन/लिव-आउट, औपचारिकअनौपचारिक रोजगार, प्रवासी/गैर-प्रवासी, उनकी मजदूरी और अन्य सामाजिक-आर्थिक विशेषताओं के संबंध में घरेलू कामगारों के प्रतिशत वितरण का अनुमान लगाना है।

यह सर्वेक्षण लिव-इन/लिव-आउट घरेलू कामगारों के घरेलू अनुमान और विभिन्न प्रकार के घरों में काम करने वाले घरेलू कामगारों की औसत संख्या भी उपलब्ध कराएगा।

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