गुरूवार, अक्टूबर 28, 2021

महंगाई को लेकर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर जोरदार हमला, राहुल गांधी ने बताई GDP की नई परिभाषा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महंगाई के मुद्दे पर एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार में जीडीपी बढ़ने का मतलब है गैस, डीजल और पेट्रोल की कीमतों का बढ़ना है।

कांग्रेस नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से देश की जनता परेशान है। जब डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ते हैं तो इससे लोगों पर सीधा प्रभाव पड़ता है, उन्हें अधिक कीमत चुकानी होती है। उन्होंने कहा कि एक तो सीधे गाड़ी में ईंधन भरवाने से जनता पर बोझ पड़ता है दूसरा पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट महंगा होता है जिससे बाकी चीजों के दाम भी बढ़ जाते हैं।

राहुल गांधी ने नोटबंदी और राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाइपलाइन (एनएमपी) को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने पहले कहा था कि मैं डीमोनेटाइजेशन कर रहा हूं और वित्त मंत्री कहती रहती हैं कि मैं मोनेटाइजेशन कर रही हूं। उन्होंने कहा कि किसानों, मज़दूरों, छोटे दुकानदार, एमएसएमई, सैलरीड क्लास, सरकारी कर्मचारियों और ईमानदार उद्योगपतियों का डीमोनेटाइजेशन हो रहा है। वहीं नरेंद्र मोदी जी के चार-पांच मित्रों का मोनेटाइजेशन हो रहा है। इकॉनोमी ट्रांसफर हो रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी जी कहते रहते हैं कि जीडीपी बढ़ रही है। वित्त मंत्री कहती हैं जीडीपी का प्रोजेक्शन ऊपर की ओर है। जीडीपी का मतलब क्या? गैस, डीजल और पेट्रोल- जिसकी कीमत लगातार बढ़ रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं। 2014 में जब यूपीए ने ऑफिस छोड़ा था तो सिलेंडर का दाम 410 रुपये था और आज सिलेंडर का दाम 885 रुपये है। सिलेंडर के दाम में 116% की बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल की क़ीमत में 2014 से 42% और डीज़ल की क़ीमत में 55% की बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने 23 लाख करोड़ रुपये जीडीपी यानी गैस, डीज़ल, पेट्रोल से कमाए हैं। ये 23 लाख करोड़ रुपये गए कहां? आज हिन्दुस्तान की संपत्ति को बेचा जा रहा है लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये पैसा जा कहां रहा है।

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