pm modi

प्रधानमंत्री ने पहले मुझसे मेरा नाम पूछा और इसके बाद कहा कि आप मुझसे क्या चाहते हैं। मैंने उनसे कहा कि ना मुझे विधायक का टिकट चाहिए और ना ही काउंसलर का पद, मैं आपके साथ केवल एक फोटो लेना चाहता हूं। इसके बाद उन्होंने फोटो लेने की इजाजत दी और मैंने फोटो लिया। प्रधानमंत्री से मेरी बातचीत महज 40 सेकंड की हुई होगी, लेकिन अगले 40 साल तक मुझे वो पल याद रहेंगे।’ बंगाल की चुनावी सरगर्मी के बीच काफी सुर्खियों में रही उनकी पीएम से मुलाकात पर ये बातें जुल्फिकार अली बता रहे थे।

खबरों के केंद्र में जुल्फिकार अली का पीएम से मुलाकात करना नहीं था बल्कि उनका मुस्लिम होना और प्रधानमंत्री के कानों में बातचीत करना था।
उनकी पीएम से मुलाकात की फोटो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें चलने लगी, इल्जाम लगाए गए। अब उन सब आरोपों का जवाब उन्होंने बहुत ही बेबाकी से दिया है।

उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि मेरी तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह की बातें चल रही हैं। कुछ लोग उस फोटो के साथ ‘कागज नहीं दिखाएंगे’ लिखा हुआ मीम भी शेयर कर रहे हैं। ये मेरी वोटर आईडी है। इसमें मेरा नाम और मेरा धर्म लिखा है। मैं अपने कागज दिखा रहा हूं।’

जुल्फिकार अली ने टोपी पहनने को लेकर हो रही राजनीति पर भी जवाब देते हुए कहा, जो नेता ये कह रहे हैं कि मैंने फोटो सेशन के लिए टोपी पहनी थी, उन्हें ये जानना चाहिए कि केवल टोपी पहनने से कोई मुसलमान नहीं बन जाता। ऐसे बहुत सारे गैर-मुस्लिम नेता हैं जो केवल दिखावे के लिए टोपी पहनकर जनता के बीच में जाते हैं। लेकिन मेरी टोपी तो मेरी जेब में रखी थी और मैंने उसे पहन लिया।’

फोटो में प्रधानमंत्री के साथ दिख रहा शख्स जुल्फिकार अली ही है इसकी पुष्टि उन्होंने खुद एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में किया। ये तस्वीर पीएम के पश्चिम बंगाल में सोनारपुर चुनावी रैली के दौरान ली गई थी।

कान में क्या बातचीत हुई इसपर भी उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री से कान में कहा था कि मैं आपके साथ एक फोटो लेना चाहता हूं। मैं लंबे समय से भाजपा से जुड़ा हुआ हूं, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत तौर पर मिल पाऊंगा। जब वो रैली में पहुंचे तो मैंने उन्हें सलाम किया और बदले में उन्होंने भी मुझे सलाम किया।’

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