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पश्चिम बंगाल में तीन चरण का चुनाव खत्म होने के बाद आज चौथे चरण के 44 सीटों पर मतदान होना है। ठीक मतदान से एक दिन पहले चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के ओएसडी अशोक चक्रवर्ती को हटाकर सुलगती आग में घी डाल दिया है।

इनके बीच की दूरियां कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। इस चुनाव में पहले ही कई मौकों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच वैचारिक मतभेद देखा जा चुका है।

चुनाव आयोग ने अपने तत्काल प्रभाव से टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी के ओएसडी अशोक चक्रवर्ती को हटा दिया है। आयोग ने संभवत: ममता बनर्जी के सुरक्षा में हुई चूक की वजह से यह कदम उठाया है।

दरअसल, पिछले महीने ममता बनर्जी को चुनाव प्रचार के दौरान नंदीग्राम में चोट लग गई थी जिसके बाद से उन्हें व्हील चेयर पर प्रचार करना पड़ रहा है।

इसके पहले भी, आयोग ने 10 मार्च को ममता बनर्जी को लगी चोट के मद्देनजर उनके सुरक्षा निदेशक विवेक सहाय को निलंबित कर दिया था।

ममता बनर्जी कई बार चुनाव आयोग पर कोई न कोई आरोप लगाती रही है। तीसरे चरण के मतदान के समय उन्होंने बीजेपी और सीआरपीएफ से बीच सांठगांठ का आरोप लगाया था, जिसको लेकर चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। और अब चुनाव आयोग द्वारा ओएसडी को हटाना उनको नागवार गुजरी तो इन दोनों के बीच दूरियां और बढ़ सकती हैं।

चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब

चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया। वह कल एक जनसभा को संबोधन के दौरान चुनाव आयोग पर हमला करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने मुझे कारण बताओ नोटिस भेजा है जो शायद ही मेरे लिए कोई मायने रखता है मैं राज्य के सभी मतदाताओं को एकजुट होकर वोट करने के लिए कही हूं ताकि वोटों का बंटवारा नहीं हो।

जबकि प्रधानमंत्री मोदी हर-रोज हिंदू-मुस्लिम करते हैं, उन्हें कोई नोटिस नहीं भेजा जाता है।

By : सुमित आनंद

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