सोमवार, नवम्बर 15, 2021

गलत अकाउंट में डाल दिये है पैसे तो न लें टेंशन, ऐसे मिलेंगे वापस, जानें RBI की गाइडलाइन्स

ऑनलाइन पेमेंट और UPI भुगतान की वजह से बैंकिंग सुविधा बेहद आसान हो गई है. कई बैंकिंग प्रोसेस के लिए अब बैंक जाने की भी आवश्यकता नहीं होती, ज्यादातर काम अब ऑनलाइन ही हो जाता है. डिजिटल पेमेंट के चलन के बीच कभी-कभी इसके नुकसान भी सामने आते हैं. कभी आप ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं या फिर कभी ट्रांजैक्शन के वक्त गलत अकाउंट में पैसे भेज देते है. मगर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पिछले कुछ वक्त में बैंकिंग और खासकर, ऑनलाइन बैंकिंग को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है कि आपने किसी गलत व्यक्ति के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं तो आप नीचे बताए गए कुछ उपायों के बारे में जान सकते हैं, ताकि आगे के लिए आपको सावधानी रहे.

आरबीआई की क्या हैं गाइडलाइंस
ऐसी घटनाओं को देखते हुए RBI ने कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं. अब अगर आप ATM, UPI या फिर नेट बैंकिंग के माध्यम से कोई ट्रांजैक्शन करते हैं तो आपके पास तुरंत एक मैसेज आएगा, जिसमें आपसे ये पक्का किया जाएगा कि आपने क्या सही ट्रांजैक्शन किया है या गलत. इस मैसेज में आपको एक फोन नंबर की सुविधा दी जाएगी. अगर आपने वो ट्रांजैक्शन गलती से कर दिया है तो आप उस नंबर पर तुरंत जानकारी दे सकते हैं कि यह ट्रांजैक्शन गलती से हुआ है. RBI के निर्देशानुसार आपके बैंक को ऐसे मैसेज पर तुरंत एक्शन लेना होगा.

आप क्या कर सकते हैं
अगर आप ऐसी कोई मुश्किल में फंसे तो आपको तुंरत अपने बैंक को इस बारे में जानकारी देनी चाहिए. चाहे ट्रांजैक्शन आपकी गलती से हुआ हो या फ्रॉड से, बैंक को इसकी जानकारी दें. आप या तो अपने बैंक के ग्राहक सहायता नंबर पर कॉल कर सकते हैं. यहां आपको जिसके अकाउंट में पैसे गए हैं, उसका बैंक अकाउंट डिटेल, टाइम समेत ट्रांजैक्शन से जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध करवानी होगी. बैंक उस रिसिपिएंट से बात कर सकता है, जिसको एकाउंट में आपने पैसे भेज दिए हैं.

अगर बैंक के बात करने के बाद भी रिसिपिएंट ने पैसे लौटाने से मना कर दिए तो आप रिसिपिएंट के खिलाफ लीगल एक्शन उठा सकते हैं. आरबीआई भी इसका निर्देश देता है. हालांकि, इस प्रक्रिया में मामला लंबा जा सकता है क्योंकि मामला की अब कोर्ट में सुनवाई होगी.

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