भारत

फ्रीडम हाउस ने तमाम राजनीतिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता के आधार पर भारत को 100 में से 67 ‘ग्लोबल फ्रीडम स्कोर’ देते हुए दुनिया में स्वतंत्रता के पैमाने के लिए जारी की गई रिपोर्ट में अब ‘स्वतंत्र (फ्री)’ देशों के स्तर से नीचे खिसकाकर ‘आंशिक रूप से स्वतंत्र (पार्टली फ्री)’ देशों की कैटेगरी में कर दिया है।

बता दे कि ये संस्था लम्बें समय से दुनिया के देशों में नागरिकों की स्वतंत्रता और लोकतान्त्रिक मूल्यों को लेकर सर्वे करती है। इस सर्वे में मोदी सरकार की अल्पसंखयकों को लेकर नीतियों का ज़िक्र किया गया है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नए नागरिकता कानून और कोविड-19 के आधिकारिक प्रतिक्रिया के बारे में चर्चा जैसे सरकार की आलोचना समझे जाने वाले भाषणों की प्रतिक्रिया में पत्रकारों, छात्रों व अन्य लोगों के खिलाफ ‘औपनिवेशिक-युग के देशद्रोह कानून’ और सूचना तकनीक अधिनियम के तहत आपराधिक आरोप दायर किए गए।

यह रिपोर्ट अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संगठन फ्रीडम हाउस द्वारा प्रकाशित की गई है, जिसे अमेरिकी सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाता है जो दुनिया भर में लोकतंत्र और राजनीतिक स्वतंत्रता के बारे में रिसर्च करता है।

इस रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि भारत औपचारिक रूप से लोकतान्त्रिक देश हैं लेकिन यहाँ पर अब मुसलामानों के लिए खतरा है।


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