मंगलवार, नवम्बर 30, 2021

एनटीपीसी ने फ्रांस की विद्युत कंपनी के साथ समझौता किया

बिजली क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण विकास के क्रम में, मध्य पूर्व, एशिया, यूरोप और अफ्रीका में संभावित बिजली परियोजना के विकास के अवसर का लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से, फ्रांस के पेरिस में स्थित विश्व की अग्रणी बिजली क्षेत्र की कंपनियों में से एक – ‘इलेक्ट्रिसिटी डी फ्रांस एस.ए.’ – (ईडीएफ) और भारत की सबसे बड़ी ऊर्जा एकीकृत कंपनी -एनटीपीसी लिमिटेड ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

एनटीपीसी को प्लैट्स टॉप 250 ग्लोबल एनर्जी कंपनी रैंकिंग में दूसरे नंबर के इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (आईपीपी) के रूप में स्थान मिला है।

यह समझौता ज्ञापन मध्य-पूर्व, यूरोप और अफ्रीका जैसे पारस्परिक हित के क्षेत्रों के निकट बिजली परियोजना के विकास के अवसरों का लाभ प्राप्त करने के लिए ईडीएफ, फ्रांस और भारत की सबसे बड़ी बिजली कंपनी-एनटीपीसी के बीच सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा।

दोनों कंपनियां विश्व स्तर पर जानकारी साझा करने, अनुसंधान एवं विकास, तकनीकी सेवाओं और परामर्श कार्यों के लिए भी सहयोग करेंगी।

एनटीपीसी ने ईडीएफ के साथ अपने सहयोग के बारे में आशा व्यक्त की और बताया कि ईडीएफ के साथ एनटीपीसी का सहयोग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हमारी प्रतिस्पर्धात्मकता को और बढ़ाएगा। एनटीपीसी का लक्ष्य वैश्विक स्तर पर बिजली उत्पादन संसाधनों के अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करना है। यह समझौता ज्ञापन दुनिया भर में स्वच्छ ऊर्जा की परियोजनाओं के विकास के लिए हमारे रोडमैप का समर्थन करता है। हमें विश्वास है कि यह गठबंधन वैश्विक बाजारों में पारस्परिक रूप से रचनात्मक निवेश के कई अवसर उपलब्ध करेगा।

उसी बात पर, ईडीएफ ने बताया, ‘हम एनटीपीसी के साथ जुड़ने और भारत तथा अन्य उन्नतिशील बाजारों में कम मात्रा में कार्बन उत्सर्जन से ऊर्जा उत्पादन के अवसरों पर काम करने के लिए उत्साहित हैं। अब लगभग 25 देशों में परिचालन करते हुए, ईडीएफ का वैश्विक ट्रैक रिकॉर्ड है और हम एनटीपीसी के साथ सहयोग के और अवसरों के द्वारा खोलने की आशा करते हैं।’

ईडीएफ और एनटीपीसी संयुक्त रूप से पारस्परिक हित के देशों में बिजली परियोजना के विकास की संभावना तलाशेंगे, साथ ही जानकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करेंगे। दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय परामर्श कार्यों सहित तकनीकी सेवाओं के ईर्द-गिर्द सहयोग का भी पता लगाएंगे, और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक साथ पायलट कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की संभावना पर विचार करेंगे।

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