वाणिज्य और उद्योग, रेलवे, उपभोक्ता मामले और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने आज माल ढुलाई की लागत में कमी लाने और ‘एक राष्‍ट्र, एक बाजार’ के लक्ष्‍य को हासिल करने में सफलता सुनिश्चित करने के लिए सड़क, रेल और जलमार्गों के एकीकरण पर जोर दिया। मैरीटाइम इंडिया समिट-2021 को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि हम ढुलाई की लागत में कमी और आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में सुधार लाने के लिए मल्‍टी-मॉडल लॉजिस्टिक समाधानों पर काम कर रहे हैं।

सभी हितधारकों से खुद को ‘सेवाप्रदाता’से ‘ज्ञान प्रदाता’ में परिवर्तित करने के लिए इस अवसर का उपयोग करने की अपील करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यदि हम रोबोटिक्‍स, स्‍वचालन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डाटा एनालिटिक्‍स जैसे तकनीकी चालित समाधानों के साथ खुद को तैयार करते हैं, तो हमारा क्षेत्र सेफ: टिकाऊ, तत्‍पर, नवीन और कुशल हो जाएगा। उन्‍होंने कहा, ‘‘यह हमारे बंदरगाह क्षेत्र के लिए कुछ इस तरह योजना बनाने का समय है, जिससे हमारे बंदरगाह आधुनिक और कुशल हो सकें, जहाजों के आने-जाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाए।प्रतिस्‍पर्धा की भावना से माल ढुलाई और बंदरगाहों से संबंधित लागत कम रखने में सहायता मिलेगी। प्रधानमंत्री द्वारा पेश किया गया मैरीटाइम इंडिया 2030 विजन हमारी सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालता है। विभिन्न बंदरगाह परियोजनाओं में 3 लाख करोड़ रुपये के प्रस्‍तावित निवेश से इस क्षेत्र में 20 लाख नए रोजगार सृजित होंगे। सागरमाला परियोजनाओं में निवेश से हमारे समुद्री बुनियादी ढांचे को बढ़ावा मिलेगा और माल गलियारों के विस्तार में मदद मिलेगी।”

केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि 6 साल में हमारे बड़े बंदरगाहों की क्षमता लगभग दोगुनी हो गई है। उन्‍होंने कहा कि हमने स्‍मार्ट सिटी, औद्योगिक पार्कों और तटीय आर्थिक क्षेत्रों के साथ एकीकृत बंदरगाहों का विकास किया है। अंतर्राष्‍ट्रीय और घरेलू माल ढुलाई की लागत के 13-14 प्रतिशत से घटकर अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर स्‍वीकार्य 8 प्रतिशत के बेंचमार्क पर आ जाएगी। गोयल ने कहा कि अवसंरचना क्षेत्र के लिए हमारी सरकार के तीन मंत्र हैं :- उन्नयन, निर्माण, समर्पण।

मंत्री ने कहा कि हम अपने तटीय क्षेत्र को जीवन सुगमता और कारोबारी सुगमता के लिए एक आदर्श मॉडल में बदलने पर काम कर रहे हैं।उन्होंने उद्योगपतियों से समुद्री तटीय इलाकों में उद्योगों की स्‍थापना करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हम अपनी तरफ से कारोबारी सुगमता सुनिश्चित करेंगेऔर राज्य व स्थानीय स्तर पर कारोबार की सुगमता में सुधार के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम करेंगे। केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा, “चलिए एक ट्रिपल इंजन : केंद्र सरकार के इंजन, राज्य सरकार के इंजन, मजबूत समुद्री क्षेत्र के इंजन, के साथ मिलकर काम करते हैं। इससे भारत में विकास के इंजन को गति और समृद्धि हासिल होगी।’’

गोयल ने कहा कि मैरीटाइम इंडिया समिट-2021माल ढुलाई की ऊंची लागत के खिलाफ हमारी जीत,समुद्री क्षेत्र में एक अंतर्राष्‍ट्रीय खिलाड़ी के रूप में हमारी जीतऔर लाखों भाइयों व बहनों के लिए रोजगार सुनिश्चित करने में हमारी जीत की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लिएसमुद्री क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में परिकल्‍पना की है।

उन्होंने बताया कि 28 फरवरी 2021तक भारतीय रेलवे ने 110 करोड़ मीट्रिक टन माल ढुलाई की है, जो वास्‍तव में बीते वर्ष 28 फरवरी, 2020 तक की अवधि में की गई माल ढुलाई के बराबरहै। उन्‍होंने कहा, ‘कोविड के बावजूद हमने पिछले साल के बराबर माल ढुलाई का स्‍तर हासिल कर लिया है।दिसंबर,2023 तकसंपूर्ण रेल नेटवर्क पूरी तरह से विद्युतीकृत हो जाएगा और 2030 तकसंपूर्ण रेल नेटवर्क अक्षय ऊर्जा से चलने लगेगा।

मंत्री ने कहा कि हम आंध्र प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने, विनिर्माण गतिविधियां लाने और औद्योगिक पार्कोंको बढ़ावा देने के उद्देश्‍य सेसड़क, रेल और बंदरगाह अवसंरचना के विकास तथा समर्पित माल गलियारे को बढ़ावा देने के लिए राज्‍य सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। गोयल ने कहा कि हम अब आंध्र प्रदेश से रोल ऑन-रोल ऑफ सेवाएं और डबल स्टैक कंटेनर ट्रेनों की शुरुआत कर रहे हैं, जिससे उद्योगों को तेजी से सामान की आपूर्ति और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिल रही है।

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